दिल्ली-बहरोड़ RRTS कॉरिडोर को मिली रफ्तार, राजस्थान में बनेंगे तीन नये स्टेशन
Delhi Gurugram Rewari SNB Behror Corridor: दिल्ली-गुरुग्राम-रेवाड़ी-एसएनबी-बहरोड़ आरआरटीएस कॉरिडोर के राजस्थान खंड को लेकर बड़ी प्रगति हुई है। हरियाणा और राजस्थान के बीच लागत साझेदारी पर सहमति बन गई है। परियोजना पूरी हो…

जयपुर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के लगातार प्रयासों से दिल्ली-गुरुग्राम-रेवाड़ी-एसएनबी-बहरोड़ आरआरटीएस कॉरिडोर के राजस्थान खंड को लेकर बड़ी प्रगति हुई है। इस परियोजना के पहले चरण में कॉरिडोर को बहरोड़ तक विकसित किया जाएगा। इसी के आधार पर अब परियोजना की लागत और वित्तीय ढांचे को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इस परियोजना को लेकर हरियाणा और राजस्थान सरकार के बीच लागत साझेदारी पर सहमति बन गई है। समझौते के अनुसार, बावल से राजस्थान सीमा तक बनने वाले खंड की परियोजना लागत का 50 प्रतिशत हिस्सा हरियाणा सरकार वहन करेगी। वहीं राजस्थान सीमा से बहरोड़ तक के हिस्से की पूरी लागत राजस्थान सरकार और उसकी संबंधित संस्थाएं उठाएंगी।
प्रस्तावित आरआरटीएस कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग 130 किलोमीटर होगी। इस मार्ग पर कुल 19 स्टेशन बनाए जाने प्रस्तावित हैं। राजस्थान में इसके तहत शाहजहांपुर, नीमराना और बहरोड़ में तीन स्टेशन विकसित किए जाएंगे।
यह परियोजना राजस्थान के एनसीआर क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण लाइफलाइन साबित हो सकती है। कॉरिडोर पूरा होने के बाद नई दिल्ली के सराय काले खां से बहरोड़ तक का सफर करीब 1 घंटा 50 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। इससे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और राजस्थान के बीच तेज, सुरक्षित और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।
इस आरआरटीएस परियोजना से शाहजहांपुर, नीमराना, बहरोड़, जापानी जोन, घीलोठ, केबीएनआईआर यानी खुशखेड़ा-भिवाड़ी-नीमराना इन्वेस्टमेंट रीजन और राजस्थान के उभरते लॉजिस्टिक्स हब्स को बड़ा लाभ मिलेगा। इससे क्षेत्र में निवेश, औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन, कौशल विकास और शहरीकरण को नई गति मिलेगी। साथ ही आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।








