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Toll Tax New Rule : केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद अब नहीं देना पड़ेगा बार-बार टोल, जानिए क्यों

Toll Tax New Rule : देशभर में टोल वसूली को तेज और आसान बनाने की दिशा में केंद्र सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय अगले महीने से टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर दायरे में रहने वाले लोगों के लिए…

Toll Tax New Rule

NF Agro, New Delhi Toll Tax New Rule : यह पास सीधे FASTag से जुड़ा होगा, जिससे स्थानीय लोगों को बार-बार टोल शुल्क देने या टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

आधार कार्ड से होगा सत्यापन

नई व्यवस्था के तहत टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले वाहन मालिकों की पहचान और पता आधार नंबर के जरिए सत्यापित किया जाएगा।

सत्यापन के बाद उन्हें डिजिटल पास जारी किया जाएगा, जिसकी मदद से वे संबंधित टोल प्लाजा से असीमित बार आवागमन कर सकेंगे। सरकार फिलहाल इन पासों की कीमत तय करने पर विचार कर रही है।

अधिकारियों के अनुसार, मौजूदा व्यवस्था की तुलना में नए डिजिटल पास की कीमत कम रखी जा सकती है।

जानिए अभी क्या है नियम?

वर्तमान में राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ता शुल्क नियमों के तहत टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले गैर-व्यावसायिक वाहन मालिकों को 350 रुपये मासिक शुल्क देकर पास मिलता है।

यह पास संबंधित टोल प्लाजा से जारी होता है और यात्रियों को इसे दिखाकर गुजरना पड़ता है। लेकिन नई डिजिटल प्रणाली में पास पूरी तरह ऑनलाइन होगा और FASTag से लिंक रहेगा।

इससे कागजी प्रक्रिया खत्म होगी और स्थानीय लोगों को अधिक सुविधा मिलेगी।

क्यों पड़ी नई व्यवस्था की जरूरत?

सरकार देशभर में मल्टी लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोलिंग सिस्टम लागू कर रही है, जिसमें टोल प्लाजा पर बैरियर नहीं होंगे और वाहन बिना रुके गुजर सकेंगे।

ऐसे में स्थानीय लोगों द्वारा “हम यहीं के निवासी हैं” कहकर टोल से गुजरने की व्यवस्था काम नहीं करेगी।

अधिकारियों का कहना है कि MLFF सिस्टम में अगर किसी वाहन का टोल भुगतान दर्ज नहीं होता है तो सिस्टम स्वतः ई-नोटिस जारी कर देता है। इसलिए स्थानीय निवासियों के लिए डिजिटल पास की व्यवस्था जरूरी हो गई है।

कैसे काम करेगा MLFF सिस्टम?

मल्टी लेन फ्री फ्लो टोलिंग में हाई-परफॉर्मेंस RFID रीडर और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे लगाए जाते हैं। ये FASTag और वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर को पढ़कर स्वतः टोल शुल्क काट लेते हैं।

अगर किसी वाहन से टोल शुल्क नहीं कटता है तो उसके मालिक को ई-नोटिस भेजा जाता है। निर्धारित समय के भीतर भुगतान नहीं करने पर दोगुना टोल शुल्क भी देना पड़ सकता है।

सेना के वाहनों के लिए भी अलग व्यवस्था पर विचार

मंत्रालय रक्षा मंत्रालय के साथ मिलकर सेना के वाहनों के लिए विशेष FASTag आधारित छूट व्यवस्था पर भी काम कर रहा है। फिलहाल सेना के वाहन पहचान पत्र या विशेष पास के आधार पर टोल शुल्क से छूट प्राप्त करते हैं।

कई टोल प्लाजा पर शुरू होगी नई व्यवस्था

MLFF प्रणाली फिलहाल गुजरात के चोर्यासी और दिल्ली के मुंडका-बक्करवाला टोल प्लाजा पर लागू है।

इसके अलावा हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और दिल्ली के कई अन्य टोल प्लाजा पर भी इसे लागू करने की प्रक्रिया चल रही है। सरकार ने 108 अतिरिक्त टोल प्लाजा के लिए भी निविदाएं जारी की हैं।

क्या होगा फायदा?

नई डिजिटल पास व्यवस्था लागू होने के बाद स्थानीय लोगों को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं होगी। FASTag से जुड़े डिजिटल पास के जरिए वे आसानी से आवागमन कर सकेंगे।

लेखक

nfadmin

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