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RBI Plastic Notes: पुराने नोट हो जाएँगे बंद? जल्द आने वाले है प्लास्टिक के नये नोट

RBI Plastic Notes
RBI Plastic Notes

नई दिल्ली: अगर आपको गीले हाथों से नोट पकड़ने में डर लगता है या फटे-पुराने और मैले नोटों से परेशानी होती है, तो आने वाले समय में भारत की करेंसी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI एक बार फिर देश में पॉलिमर बैंकनोट लाने की संभावना पर विचार कर रहा है। आम भाषा में इन्हें प्लास्टिक नोट भी कहा जाता है।

हालांकि, अभी यह योजना शुरुआती चरण में है और RBI ने कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। इसलिए सोशल मीडिया पर चल रहे उन दावों पर भरोसा न करें, जिनमें कहा जा रहा है कि 30 जून 2026 से सभी पुराने पेपर नोट बंद हो जाएंगे और उनकी जगह प्लास्टिक नोट आ जाएंगे। PIB Fact Check ने ऐसे दावों को फर्जी बताया है।

RBI ने क्या कहा?

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 5 जून 2026 को मौद्रिक नीति समिति की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि पॉलिमर करेंसी नोट लाने का प्रस्ताव विचाराधीन है। उन्होंने साफ कहा कि यह मामला अभी प्रारंभिक चरण में है और RBI इसके फायदे और चुनौतियों दोनों का आकलन कर रहा है।

इसका मतलब यह है कि भारत में प्लास्टिक नोट तुरंत लागू नहीं होने जा रहे हैं। RBI पहले इसकी लागत, सुरक्षा, टिकाऊपन, ATM मशीनों की अनुकूलता और आम लोगों के इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की जांच करेगा। इसके बाद ही कोई आगे का फैसला लिया जाएगा।

पॉलिमर नोट क्या होते हैं?

पॉलिमर नोट कागज के नहीं, बल्कि खास तरह के सिंथेटिक मटेरियल से बनाए जाते हैं। इन्हें आम तौर पर बायएक्सियली ओरिएंटेड पॉलीप्रोपाइलीन यानी BOPP से तैयार किया जाता है। ये नोट क्रेडिट कार्ड की तरह सख्त नहीं होते, बल्कि हल्के, लचीले और मोड़ने योग्य होते हैं।

कागजी नोटों में कॉटन और लिनेन का इस्तेमाल होता है, जबकि पॉलिमर नोट प्लास्टिक बेस वाली विशेष शीट पर बनाए जाते हैं। यही वजह है कि ये नोट पानी, नमी, गंदगी और जल्दी फटने जैसी समस्याओं से काफी हद तक सुरक्षित रहते हैं।

पॉलिमर नोट क्यों खास माने जाते हैं?

पॉलिमर नोटों की सबसे बड़ी खासियत उनकी लंबी उम्र है। ये नोट सामान्य कागजी नोटों की तुलना में अधिक समय तक चल सकते हैं। बारिश, पसीना या गीले हाथों से छूने पर ये जल्दी खराब नहीं होते।

इन नोटों में नकली नोटों को रोकने के लिए भी बेहतर सुरक्षा फीचर्स जोड़े जा सकते हैं। इनमें पारदर्शी विंडो, होलोग्राम, कलर-शिफ्टिंग एलिमेंट और खास प्रिंटिंग तकनीक जैसे फीचर्स शामिल हो सकते हैं। इनकी नकल करना कागजी नोटों के मुकाबले कठिन माना जाता है।

प्लास्टिक नोट कैसे बनते हैं?

पॉलिमर नोट बनाने की प्रक्रिया कागजी नोटों से अलग होती है। सबसे पहले एक पारदर्शी और लचीली प्लास्टिक शीट तैयार की जाती है। इसके बाद इस शीट पर विशेष स्याही से डिजाइन और सुरक्षा फीचर्स प्रिंट किए जाते हैं।

इसके बाद नोट पर एक प्रोटेक्टिव कोटिंग चढ़ाई जाती है, जिससे नोट गंदगी, पसीने, पानी और टूट-फूट से बचा रहता है। यही वजह है कि पॉलिमर नोट ज्यादा टिकाऊ और साफ-सुथरे बने रह सकते हैं।

RBI इस पर विचार क्यों कर रहा है?

भारत में हर साल बड़ी संख्या में पुराने, गंदे और खराब नोटों को चलन से हटाना पड़ता है। इससे नोटों की छपाई और प्रबंधन पर बड़ा खर्च आता है। पॉलिमर नोटों की उम्र ज्यादा होने के कारण लंबे समय में नोटों की छपाई और रिप्लेसमेंट की जरूरत कम हो सकती है।

इसके अलावा डिजिटल अर्थव्यवस्था बढ़ने के बावजूद भारत में नकदी का इस्तेमाल अब भी बहुत ज्यादा है। ऐसे में RBI ऐसी करेंसी तकनीक पर विचार कर रहा है, जो ज्यादा टिकाऊ, सुरक्षित और लंबे समय तक इस्तेमाल योग्य हो।

क्या पुराने कागजी नोट बंद हो जाएंगे?

नहीं। अभी ऐसा कोई फैसला नहीं हुआ है। सोशल मीडिया पर चल रहा यह दावा कि 30 जून 2026 से पुराने कागजी नोट बंद हो जाएंगे, पूरी तरह भ्रामक है। PIB Fact Check ने इसे फर्जी बताया है।

अगर भविष्य में पॉलिमर नोट लागू भी किए जाते हैं, तो यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से हो सकती है। पहले छोटे मूल्यवर्ग के नोटों जैसे ₹10 या ₹20 पर प्रयोग किया जा सकता है। पुराने नोटों को अचानक बंद करने जैसा कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है।

पहले भी हो चुकी है प्लास्टिक नोट लाने की कोशिश

भारत में पॉलिमर नोट लाने की चर्चा नई नहीं है। वर्ष 2007 में भी इस दिशा में विचार शुरू हुआ था। बाद में 2014 में सरकार ने ₹10 के पॉलिमर नोटों का पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने की योजना बनाई थी।

उस समय जयपुर, शिमला, कोच्चि, मैसूर और भुवनेश्वर जैसे शहरों में पायलट प्रोजेक्ट की तैयारी की गई थी। हालांकि तकनीकी चुनौतियों और ATM मशीनों की अनुकूलता जैसे कारणों से यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी।

क्या ATM मशीनों में दिक्कत आ सकती है?

पॉलिमर नोट लागू करने से पहले ATM मशीनों, कैश काउंटिंग मशीनों और बैंकिंग सिस्टम को अपडेट करना जरूरी होगा। भारत में बड़ी संख्या में पुरानी मशीनें अभी कागजी नोटों के हिसाब से काम करती हैं।

अगर पॉलिमर नोट आएंगे, तो बैंकों और ATM ऑपरेटरों को मशीनों को नए नोटों के अनुकूल बनाना होगा। यह काम समय और खर्च दोनों मांग सकता है। यही कारण है कि RBI जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेना चाहता।

पॉलिमर नोटों के फायदे

पॉलिमर नोट पानी और नमी से जल्दी खराब नहीं होते। ये कागजी नोटों की तुलना में ज्यादा टिकाऊ होते हैं और इनकी उम्र लंबी हो सकती है। इनमें एडवांस सिक्योरिटी फीचर्स लगाना आसान होता है, जिससे नकली नोटों पर रोक लगाने में मदद मिल सकती है।

इसके अलावा पुराने हो चुके पॉलिमर नोटों को रीसायकल भी किया जा सकता है। इससे लंबे समय में करेंसी मैनेजमेंट ज्यादा व्यवस्थित हो सकता है।

पॉलिमर नोटों की चुनौतियां

पॉलिमर नोटों की शुरुआती छपाई लागत कागजी नोटों की तुलना में अधिक हो सकती है। ATM, बैंकिंग और कैश हैंडलिंग सिस्टम को अपग्रेड करना भी बड़ी चुनौती है।

भारत जैसे बड़े देश में करेंसी से जुड़ा कोई भी बदलाव लागू करना आसान नहीं होता। यहां शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में नकदी का व्यापक इस्तेमाल होता है। इसलिए RBI को आम लोगों की सुविधा, बैंकिंग सिस्टम और लागत सभी पहलुओं को ध्यान में रखना होगा।

दुनिया के कई देशों में चल रहे हैं पॉलिमर नोट

ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, ब्रिटेन, सिंगापुर और न्यूजीलैंड जैसे कई देश पॉलिमर बैंकनोट का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन देशों में पॉलिमर नोटों को टिकाऊपन और सुरक्षा के लिहाज से बेहतर माना गया है।

अगर भारत में यह योजना सफल होती है, तो भारत भी उन देशों की सूची में शामिल हो सकता है, जहां पॉलिमर करेंसी का इस्तेमाल होता है।

एक नजर में फैक्ट शीट

विवरणजानकारी
सही नामपॉलिमर बैंकनोट
आम नामप्लास्टिक नोट
मटेरियलबायएक्सियली ओरिएंटेड पॉलीप्रोपाइलीन यानी BOPP
भारत में स्थितिप्रस्ताव पर विचार जारी
RBI का फैसलाअभी कोई अंतिम फैसला नहीं
लॉन्च तारीखअभी तय नहीं
वायरल दावा30 जून 2026 से पेपर नोट बंद होंगे
सच्चाईPIB Fact Check ने दावा फर्जी बताया
संभावित फायदालंबी उम्र, बेहतर सुरक्षा, कम खराबी
बड़ी चुनौतीATM और कैश मशीनों को अपग्रेड करना
पहले की कोशिश2007 में विचार, 2014 में ₹10 नोट पायलट योजना

भारत में पॉलिमर यानी प्लास्टिक नोट आने की संभावना पर RBI विचार जरूर कर रहा है, लेकिन फिलहाल कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। इसलिए लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। आपके पास मौजूद कागजी नोट अभी वैध हैं और उन्हें बंद करने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

अगर भविष्य में पॉलिमर नोट लाए जाते हैं, तो यह प्रक्रिया धीरे-धीरे और पूरी तैयारी के साथ लागू की जाएगी। फिलहाल सोशल मीडिया पर चल रहे पुराने नोट बंद होने जैसे दावों से सावधान रहें और केवल RBI या सरकारी एजेंसियों की आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।

लेखक

Mukesh Gusaiana

ब्रेकिंग न्यूज और जनहित से जुड़ी खबरों पर लगातार नजर रखने वाली हमारी एडिटोरियल टीम।

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