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कुरुक्षेत्र बाईपास प्रोजेक्ट को लेकर बड़ा फैसला, 29 गांवों में जमीन अधिग्रहण होगा शुरू, रजिस्ट्री पर लगी रोक

Kurukshetra News कुरुक्षेत्र को ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने और विकास को गति देने के लिए प्रस्तावित 27.9 किलोमीटर लंबे बाईपास प्रोजेक्ट पर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने बाईपास के दायरे में आ…

Land Registry Ban
Land Registry Ban

Kurukshetra News: धार्मिक और ऐतिहासिक नगरी कुरुक्षेत्र को ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने और शहर के विकास को नई गति देने के लिए कुरुक्षेत्र बाईपास परियोजना पर काम तेज हो गया है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है।

कुरुक्षेत्र के उपायुक्त एवं रजिस्ट्रार-सह-कलेक्टर विश्राम कुमार मीणा ने बाईपास के दायरे में आने वाले 29 गांवों की भूमि की खरीद-बिक्री और रजिस्ट्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। प्रशासन का यह फैसला परियोजना को पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाने और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को विवादों से बचाने के लिए अहम माना जा रहा है।

क्यों लगाई गई जमीनों की रजिस्ट्री पर रोक?

प्रशासन के अनुसार, बाईपास परियोजना की घोषणा के बाद जमीनों के सौदों में सट्टेबाजी और कृत्रिम रूप से कीमतें बढ़ाने की आशंका रहती है। इसी को देखते हुए जमीन की खरीद-बिक्री और रजिस्ट्री पर रोक लगाई गई है।

इस फैसले का मुख्य उद्देश्य मुआवजे की राशि बढ़ाने के लिए जमीनों की कीमतों में की जाने वाली कृत्रिम बढ़ोतरी को रोकना है। साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि वास्तविक भूमि मालिकों को ही उचित और पारदर्शी तरीके से मुआवजा मिल सके।

इस संबंध में थानेसर और पिहोवा तहसील के सभी एसडीएम, डीआरओ, तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को सख्त निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

इन 29 गांवों की जमीन होगी प्रभावित

कुरुक्षेत्र बाईपास के लिए दो प्रमुख तहसीलों के कुल 29 गांवों को चिन्हित किया गया है। इनमें थानेसर तहसील के 24 गांव और पिहोवा तहसील के 5 गांव शामिल हैं। इन्हीं गांवों की जमीनों से होकर प्रस्तावित बाईपास गुजरेगा।

प्रभावित गांवों की सूची

तहसीलगांवों की संख्याप्रभावित गांव
थानेसर24ईदबडी, ज्योतिसर, बारवा, कैंथला खुर्द, किरमच, सुनेहड़ी, ईशाकपुर, सलारपुर, अमीन, खासपुर, जिरबड़ी, उमरी, शादीपुर लाडवा, किशनगढ़, दौलतपुर, मथाना, बीड़ सौंटी, मिर्जापुर, समसपुर, फत्तुपुर, समानी, बोढी, कडामी, मुनियारपुर
पिहोवा5मुर्तजापुर, बोर सैंदा, गढ़ी रोडान, लोहार माजरा, खानपुर रोडान

बताया जा रहा है कि यह बाईपास ईदबड़ी गांव से शुरू होकर मथाना गांव तक जाएगा। प्रस्तावित मार्ग करीब 29 गांवों की भूमि से होकर गुजरेगा।

27.9 किलोमीटर लंबा होगा कुरुक्षेत्र बाईपास

कुरुक्षेत्र बाईपास की लंबाई करीब 27.9 किलोमीटर होगी। इस परियोजना के पूरा होने के बाद शहर में भारी वाहनों का दबाव कम होगा। अभी बाहरी क्षेत्रों से आने वाले भारी वाहन शहर के अंदर से गुजरते हैं, जिससे ट्रैफिक जाम, सड़क हादसों और प्रदूषण की समस्या बढ़ती है।

बाईपास बनने के बाद भारी वाहन शहर के बाहर से निकल सकेंगे। इससे कुरुक्षेत्र शहर को रोजाना लगने वाले जाम से बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने और वायु व ध्वनि प्रदूषण में भी सुधार की उम्मीद है।

परियोजना की मुख्य बातें

विवरणजानकारी
परियोजनाकुरुक्षेत्र बाईपास
लंबाईकरीब 27.9 किलोमीटर
जिलाकुरुक्षेत्र
प्रभावित गांव29
प्रभावित तहसीलथानेसर और पिहोवा
प्रशासनिक फैसलाजमीन की खरीद-बिक्री और रजिस्ट्री पर रोक
आदेश जारी करने वाले अधिकारीउपायुक्त एवं रजिस्ट्रार-सह-कलेक्टर विश्राम कुमार मीणा
मुख्य उद्देश्यभूमि अधिग्रहण में पारदर्शिता और सट्टेबाजी रोकना
संभावित लाभट्रैफिक जाम से राहत, प्रदूषण में कमी, बेहतर कनेक्टिविटी
विकास पर असरव्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा

कुरुक्षेत्र के विकास को मिलेगी नई रफ्तार

कुरुक्षेत्र बाईपास को शहर के विकास के लिए अहम परियोजना माना जा रहा है। बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से आसपास के क्षेत्रों में नए व्यावसायिक अवसर पैदा होंगे। इससे स्थानीय व्यापार, निवेश और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

बाईपास बनने से शहर के अंदर ट्रैफिक का दबाव घटेगा और आवाजाही आसान होगी। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले यात्रियों को भी सुविधा मिलेगी।

पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा

कुरुक्षेत्र को धार्मिक, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सोच के तहत कुरुक्षेत्र को वैश्विक स्तर पर धार्मिक नगरी के रूप में पहचान दिलाने की दिशा में कई कदम उठाए जा रहे हैं।

बाईपास बनने के बाद देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों का सफर आसान होगा। धार्मिक स्थलों तक पहुंचने में लगने वाला समय कम होगा और शहर की यातायात व्यवस्था भी बेहतर होगी।

सरकार की पारदर्शी तैयारी

कुरुक्षेत्र बाईपास केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि शहर के आधुनिक विकास की बड़ी कड़ी साबित हो सकता है। 29 गांवों में जमीन की रजिस्ट्री पर रोक लगाने का फैसला यह दिखाता है कि प्रशासन इस परियोजना को बिना देरी और पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ाना चाहता है।

आने वाले समय में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने के बाद इस परियोजना को और तेजी मिलने की उम्मीद है। बाईपास बनने के बाद कुरुक्षेत्र को जाम, प्रदूषण और अव्यवस्थित यातायात से बड़ी राहत मिल सकती है।

लेखक

Mukesh Gusaiana

ब्रेकिंग न्यूज और जनहित से जुड़ी खबरों पर लगातार नजर रखने वाली हमारी एडिटोरियल टीम।

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