Weather News: अगले 72 घंटे भारी, 17 राज्यों में बारिश-आंधी और वज्रपात का अलर्ट
Mausam Samachar 10-11 June 2026: देश में मानसून की गतिविधियां अब तेजी से बढ़ रही हैं। अगले 72 घंटे कई राज्यों के लिए चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं। जहां एक तरफ बारिश से गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं तेज आंधी, वज्रपात, भूस्खलन और…

Mausam Breaking News: देश में मानसून अब तेजी पकड़ चुका है। कई दिनों से भीषण गर्मी और लू की मार झेल रहे उत्तर भारत को अब मौसम में बड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन यह राहत तेज आंधी, भारी बारिश और वज्रपात के खतरे के साथ आएगी। मौसम विभाग के अनुसार अगले 72 घंटे कई राज्यों के लिए बेहद अहम रहने वाले हैं।
बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी, पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से देश के करीब 17 राज्यों में मौसम तेजी से बदल सकता है। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में तेज बारिश के साथ 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि यह सिर्फ सामान्य बारिश नहीं होगी। कई इलाकों में पेड़ गिरने, बिजली व्यवस्था प्रभावित होने, फसलों को नुकसान और जलभराव जैसी स्थिति बन सकती है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा भी बढ़ सकता है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने और मौसम अपडेट देखकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।
उत्तर भारत में बदलेगा मौसम का मिजाज
दक्षिण भारत में मानसून पहले से सक्रिय है और अब इसका असर धीरे-धीरे मध्य और उत्तर भारत की ओर बढ़ रहा है। 11 जून से उत्तर भारत के कई इलाकों में बादल छाने लगेंगे और 12 से 13 जून के बीच बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पूर्वोत्तर राज्यों में मौसम अचानक करवट ले सकता है।
किसानों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए खेतों में काम करते समय सावधानी जरूरी है। खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए।
मौसम बदलने की बड़ी वजह
देशभर में मौसम का यह बदलाव कई सिस्टम के एक साथ सक्रिय होने की वजह से हो रहा है। उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर ऊपरी हवा का साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। वहीं पूर्वी बिहार से लेकर पश्चिम बंगाल के गंगा वाले इलाकों तक कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय है।
इन्हीं मौसमी परिस्थितियों के कारण पूर्वी और उत्तरी भारत में नमी तेजी से बढ़ रही है। इसका असर तापमान पर भी दिखाई देगा। कई राज्यों में जहां तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, वहां अब 4 से 6 डिग्री तक गिरावट देखने को मिल सकती है।
दिल्ली-NCR में गर्मी से राहत, आंधी-बारिश का अलर्ट
दिल्ली-NCR में पिछले कई दिनों से लोग तेज गर्मी और उमस से परेशान हैं। अब यहां मौसम तेजी से बदल सकता है। 10 से 11 जून के बीच दिल्ली और आसपास के इलाकों में तेज बारिश और धूल भरी आंधी की संभावना है।
इस दौरान 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने, ट्रैफिक प्रभावित होने और बिजली आपूर्ति बाधित होने जैसी स्थिति बन सकती है। बारिश के बाद दिल्ली-NCR के लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश में तेज आंधी और बारिश की चेतावनी
उत्तर प्रदेश में मौसम सबसे ज्यादा सक्रिय रह सकता है। मेरठ, गाजियाबाद, आगरा, कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज और लखनऊ समेत कई जिलों में तेज बारिश और आंधी का अलर्ट है।
मौसम विभाग के अनुसार कुछ इलाकों में 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे कट चुकी फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें और तेज आंधी-बिजली के दौरान खेतों में काम करने से बचें। बारिश के बाद प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में गिरावट आ सकती है।
बिहार में वज्रपात और तेज हवाओं का खतरा
बिहार में भी मौसम खतरनाक रूप ले सकता है। पटना, गया, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, किशनगंज और भागलपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है।
कुछ स्थानों पर 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने खासतौर पर वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया है। ग्रामीण इलाकों में लोगों को खुले स्थानों, खेतों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। निचले इलाकों में जलभराव की आशंका भी बनी हुई है।
झारखंड में 10 से 13 जून तक बारिश के आसार
झारखंड में भी 10 से 13 जून तक मौसम खराब रह सकता है। रांची, धनबाद, बोकारो, जमशेदपुर और आसपास के जिलों में बारिश के साथ तेज हवाओं की संभावना है।
मौसम विभाग के मुताबिक राज्य के कई हिस्सों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। बारिश से तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को उमस से राहत मिलेगी, लेकिन तेज हवाओं के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
पश्चिम बंगाल में चक्रवाती असर से भारी बारिश
पश्चिम बंगाल में कम दबाव के क्षेत्र का असर देखने को मिल सकता है। कोलकाता, हावड़ा, हुगली, मुर्शिदाबाद और दक्षिण 24 परगना समेत कई जिलों में भारी बारिश और तेज आंधी की संभावना है।
तटीय इलाकों में मौसम ज्यादा खराब हो सकता है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। तेज हवाओं की रफ्तार 65 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
राजस्थान में धूल भरी आंधी का अलर्ट
राजस्थान में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं। जयपुर, अजमेर, उदयपुर, बीकानेर, भरतपुर और आसपास के इलाकों में बारिश के साथ धूल भरी आंधी चल सकती है।
कई जिलों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है। पेड़ गिरने, बिजली गिरने और कच्चे मकानों को नुकसान जैसी घटनाएं हो सकती हैं। लोगों को मौसम खराब होने पर घरों से बाहर निकलने से बचना चाहिए।
मध्य प्रदेश में बारिश से मिलेगी गर्मी से राहत
मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, विदिशा और सीहोर समेत कई जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। तेज हवाओं की रफ्तार 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है।
बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन अचानक मौसम बदलने से ट्रैफिक और बिजली व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
पंजाब और हरियाणा में भी मौसम बिगड़ने के आसार
पंजाब और हरियाणा में अगले कुछ दिनों तक मौसम बदला हुआ रह सकता है। पंजाब के पटियाला, लुधियाना, जालंधर और चंडीगढ़ में तेज बारिश और आंधी की संभावना है।
हरियाणा के अंबाला, करनाल, हिसार और रोहतक में भी धूल भरी आंधी और बारिश का अलर्ट है। यहां 50 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। किसानों को फसल कटाई और भंडारण में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बारिश के कारण खतरा बढ़ सकता है। उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल, चमोली और पिथौरागढ़ में भारी बारिश और आंधी की संभावना है। पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।
हिमाचल प्रदेश के मंडी, कुल्लू, कांगड़ा और चंबा में बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि का अनुमान है। इससे सेब और अन्य फसलों को नुकसान हो सकता है। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा, अनंतनाग और किश्तवाड़ समेत कई इलाकों में तेज बारिश और हवाओं का अलर्ट है।
पूर्वोत्तर भारत में मानसून सक्रिय
असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय और नागालैंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। लखीमपुर, धुबरी, डिब्रूगढ़ और नागांव समेत कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी है।
लगातार बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है। प्रशासन ने बाढ़ संभावित इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है। लोगों को नदी-नालों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है।
दक्षिण भारत में मानसून पूरी ताकत से सक्रिय
केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। केरल और कर्नाटक के तटीय इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
तमिलनाडु के कई जिलों में भी तेज बारिश और तूफान की संभावना है। तटीय क्षेत्रों में मछुआरों को समुद्र से दूर रहने की सलाह दी गई है। भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित हो सकता है।
अगले 72 घंटे किन राज्यों के लिए भारी?
मौसम विभाग के अनुसार अगले 72 घंटे उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, झारखंड, पश्चिम बंगाल, दिल्ली-NCR और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए ज्यादा संवेदनशील रह सकते हैं। इन इलाकों में तेज हवाएं, भारी बारिश, वज्रपात और धूल भरी आंधी की आशंका है।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
किसानों को सलाह दी गई है कि वे कट चुकी फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें। तेज आंधी और बिजली गिरने के दौरान खेतों में काम न करें। खुले मैदानों में रहने से बचें और पशुओं को भी सुरक्षित जगह पर रखें।
यात्रा करने वालों के लिए चेतावनी
बारिश और आंधी के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए। पहाड़ी इलाकों में जाने से पहले मौसम अपडेट जरूर देखें। तेज हवाओं के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर इमारतों के पास खड़े न हों।








