जानिए कौन हैं SDM आकांक्षा आनंद? पद संभालते ही अतिक्रमण पर चला दिया बुलडोजर
SDM Akanksha Anand: मुजफ्फरपुर में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद जिला प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। एसडीएम आकांक्षा आनंद के नेतृत्व में बैरिया गोलंबर से संगम घाट तक अवैध कब्जों को हटाया…

मुजफ्फरपुर में जिला प्रशासन इस समय पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद शहर में अतिक्रमण के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार को बैरिया गोलंबर से चांदनी चौक, दरभंगा मोड़ होते हुए संगम घाट तक अवैध कब्जों पर बुलडोजर चलाया गया।
इस कार्रवाई का नेतृत्व मुजफ्फरपुर की एसडीएम पश्चिमी आकांक्षा आनंद ने किया। अभियान के दौरान सड़क किनारे अवैध रूप से बनी दुकानों, ढाबों, गैरेजों और मकानों को हटाया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई से अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया।
एसडीएम आकांक्षा आनंद ने बताया कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों को पहले ही नोटिस जारी किया गया था। इसके साथ ही माइकिंग के जरिए भी लोगों को अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी गई थी। इसके बावजूद जब लोगों ने कब्जा नहीं हटाया, तो प्रशासन को बुलडोजर कार्रवाई करनी पड़ी।
कौन हैं SDM आकांक्षा आनंद?
आकांक्षा आनंद बिहार के पटना की रहने वाली हैं। उनका जन्म 28 अप्रैल 1996 को हुआ था। उनके पिता प्रवीण कुमार स्वास्थ्य विभाग में क्लर्क हैं, जबकि उनकी मां पुष्पा कुमारी बख्तियारपुर में नियोजित शिक्षिका हैं।
आकांक्षा आनंद की शुरुआती पढ़ाई पटना में हुई। पढ़ाई के बाद उन्होंने मेडिकल क्षेत्र को चुना और पटना वेटनरी कॉलेज से 2015 से 2020 के बीच मेडिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया। वे अपने बैच की गोल्ड मेडलिस्ट रही हैं।
ग्रेजुएशन के बाद आकांक्षा आनंद ने कुछ समय तक वेटनरी डॉक्टर के रूप में काम किया। वे सीतामढ़ी में वेटनरी अधिकारी के पद पर तैनात रहीं। नौकरी के साथ ही उन्होंने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू की। उनका सपना आईएएस अधिकारी बनकर समाज की सेवा करना था।
पहले प्रयास में आकांक्षा आनंद को यूपीएससी परीक्षा में सफलता नहीं मिली। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और दोगुनी मेहनत के साथ तैयारी जारी रखी। वर्ष 2022 में उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में 205वीं रैंक हासिल की और आईएएस अधिकारी बनीं।
आईएएस बनने के बाद आकांक्षा आनंद ने बिहार कैडर को चुना। वर्तमान में वे मुजफ्फरपुर में एसडीएम के पद पर कार्यरत हैं। अतिक्रमण के खिलाफ चल रही कार्रवाई में उनके सख्त रुख की चर्चा शहरभर में हो रही है।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई क्यों हुई?
मुजफ्फरपुर में सड़क किनारे और सरकारी जमीन पर लंबे समय से अवैध कब्जे की शिकायतें मिल रही थीं। कोर्ट के निर्देशों के बाद प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने का अभियान तेज कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीन पर कब्जा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस कार्रवाई के बाद शहर में यातायात व्यवस्था बेहतर होने और सार्वजनिक स्थानों को खाली कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।








