LPG Update: उज्ज्वला लाभार्थियों को बड़ा झटका, सरकार ने सब्सिडी को लेकर जारी किए नये आदेश
LPG Update: क्या आपको पता है कि अब सरकार पूरे साल सस्ता गैस सिलिंडर नहीं देगी? इस वीडियो/आर्टिकल में जानिए कि उज्ज्वला योजना के तहत अब सिर्फ 4 सिलिंडर पर सब्सिडी मिलेगी और उसके बाद हर सिलिंडर 942 रुपये में मिलेगा। साथ ह…

नई दिल्ली: अगर आप भी एलपीजी सिलिंडर के दाम कम होने का इंतज़ार कर रहे थे, तो ये खबर आपके लिए है… लेकिन शायद वो खुशखबरी नहीं, जिसकी उम्मीद थी। सरकार ने साफ कर दिया है कि गरीब से गरीब को भी अब पूरे साल सस्ता रसोई गैस नहीं मिलेगा।
दरअसल, सरकार का कहना है कि उज्ज्वला योजना वालों को भले ही सब्सिडी मिल रही है, लेकिन हर सिलिंडर पर सरकारी खजाने पर 700 रुपये का बोझ बढ़ रहा है। ऐसे में एक नया फॉर्मूला लागू किया गया है।
अब समझिए सब्सिडी का नया गणित:
पहले 4 सिलिंडर: सरकार ने तय किया कि एक साल में पहले 4 एलपीजी सिलिंडर तो आपको मात्र 642 रुपये में मिलेंगे।
उसके बाद का हर सिलिंडर: लेकिन जैसे ही 5वां सिलिंडर मंगवाएंगे, सीधा 942 रुपये चुकाने होंगे (दिल्ली के रेट के मुताबिक)।
सरकार के अतिरिक्त सचिव प्रवीण खनूजा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में समझाया कि, “उज्ज्वला लाभार्थी औसतन साल में सिर्फ 4-5 सिलिंडर ही इस्तेमाल करते हैं, तो ज्यादातर लोगों पर इसका असर नहीं पड़ेगा।”
तेल कंपनियों पर क्या बीत रही है?मंत्रालय के मुताबिक, 14.2 किलो के एक सिलिंडर की कीमत तेल कंपनियों को करीब 1600 रुपये पड़ रही है। इसे गरीब को बेचें तो घाटा, अमीर को बेचें तो भी घाटा। यही वजह है कि सरकार का बजट सब्सिडी के नाम पर पिछले दो सालों में 52,000 करोड़ रुपये का हो चुका है।
क्या है पश्चिम एशिया संकट का रोल?आपको बता दें कि ईरान-इज़राइल जंग और होर्मुज जलमार्ग पर संकट के चलते भारत को एलपीजी की सप्लाई मुश्किल हो गई थी। पहले हमारी 70% जरूरत उसी रास्ते से पूरी होती थी, लेकिन अब उस रास्ते पर पत्थर लग गए हैं। अब भारत ओमान, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया से महंगी एलपीजी लेने को मजबूर है।
सरकार की राहत वाली बात ये है कि अब घरेलू रिफाइनरियां 60% ज्यादा गैस बना रही हैं। पिछले चार दिनों में रोज 42 लाख सिलिंडर बुक हुए, जबकि 44 लाख की सप्लाई हुई। यानी हालात पहले जैसे नहीं, लेकिन धीरे-धीरे सुधर रहे हैं।
अब आगे क्या?देश के कई राज्यों में तो चुनाव से पहले नेता महिलाओं को मुफ्त या सस्ती गैस का वादा कर रहे हैं। लेकिन केंद्र सरकार साफ कह रही है – जेब थर्मल है, पेट्रोल-डीज़ल पर भी 6 से 30 रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है। ऐसे में सब्सिडी पर ब्रेक लगाना मजबूरी है।








