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हरियाणा बनेगा नॉर्थ इंडिया का सबसे बड़ा डाटा हब, ₹10,000 करोड़ का निवेश -पढ़िए डिटेल

Haryana Data Center Policy 2026 के तहत हरियाणा सरकार ने 5 वर्षों में ₹10,000 करोड़ निवेश का लक्ष्य रखा है। अन…

Haryana Data Center Policy 2026
Haryana Data Center Policy 2026

चंडीगढ़/नई दिल्ली: हरियाणा सरकार ने डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को नई रफ्तार देने के लिए हरियाणा डाटा सेंटर पॉलिसी 2026 को अधिसूचित किया है। इस नीति के जरिए राज्य सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में करीब ₹10,000 करोड़ का निवेश आकर्षित करना है। सरकार का दावा है कि यह कदम हरियाणा को उत्तर भारत के प्रमुख डाटा सेंटर और डिजिटल हब के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

इस नीति के बाद राज्य ने निवेश की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाते हुए अनंत राज लिमिटेड के साथ डाटा सेंटर और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा समझौता ज्ञापन यानी MoU किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस समझौते के तहत हरियाणा में बड़े स्तर पर डाटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा, जिससे राज्य में डिजिटल सेवाओं, क्लाउड कंप्यूटिंग, AI और डेटा स्टोरेज सेक्टर को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

हरियाणा डाटा सेंटर पॉलिसी 2026 का मुख्य लक्ष्य

हरियाणा सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग द्वारा अधिसूचित हरियाणा डाटा सेंटर पॉलिसी 2026 को राज्य में हाइपरस्केल और एज डाटा सेंटर्स के विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

इस नीति का मकसद राज्य में मजबूत डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करना, क्लाउड और डेटा आधारित सेवाओं को बढ़ावा देना, निवेशकों को बेहतर माहौल देना और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। सरकार चाहती है कि हरियाणा आने वाले वर्षों में डिजिटल अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरे।

निवेशकों को मिलेंगे कई बड़े प्रोत्साहन

हरियाणा डाटा सेंटर पॉलिसी 2026 के तहत निवेशकों को कई तरह की सुविधाएं और प्रोत्साहन दिए जाएंगे। नीति में डाटा सेंटर यूनिट्स और डाटा सेंटर पार्क दोनों को बढ़ावा देने की व्यवस्था की गई है।

हाइपर डाटा सेंटर के लिए सहायता

10 मेगावाट से अधिक क्षमता वाले हाइपर डाटा सेंटर को पात्र पूंजीगत खर्च का 20 प्रतिशत तक प्रतिपूर्ति लाभ दिया जा सकता है। इसके लिए प्रति यूनिट अधिकतम सीमा ₹25 करोड़ रखी गई है।

कोर डाटा सेंटर के लिए सहायता

1 मेगावाट से 10 मेगावाट तक की क्षमता वाले कोर डाटा सेंटर को पात्र पूंजीगत खर्च का 10 प्रतिशत तक प्रतिपूर्ति लाभ मिल सकता है। इसके लिए प्रति यूनिट अधिकतम सीमा ₹1 करोड़ तय की गई है।

डाटा सेंटर पार्क को ब्याज सब्सिडी

डाटा सेंटर पार्क विकसित करने वालों को 5 प्रतिशत तक ब्याज सब्सिडी का लाभ दिया जाएगा। इससे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को लागत कम करने में मदद मिल सकती है।

बिजली और भूमि से जुड़ी सुविधाएं

नीति के तहत योग्य परियोजनाओं को स्टांप ड्यूटी प्रतिपूर्ति, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर से जुड़ी सहायता और बिजली शुल्क में राहत जैसी सुविधाएं मिल सकती हैं। MoU करने वाले निवेशकों के लिए बिजली दर में सब्सिडी का भी प्रावधान बताया गया है।

डाटा सेंटर को मिलेगा ‘आवश्यक सेवा’ का दर्जा

इस नीति की एक बड़ी खासियत यह है कि डाटा सेंटर को “आवश्यक सेवा” का दर्जा दिया गया है। इसका मतलब है कि डाटा सेंटर परियोजनाओं को बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा।

डाटा सेंटर लगातार चलने वाला इंफ्रास्ट्रक्चर होता है। ऐसे में बिजली, पानी और नेटवर्क कनेक्टिविटी की स्थिरता बेहद जरूरी होती है। सरकार का यह कदम निवेशकों के भरोसे को मजबूत कर सकता है।

10 से 15 दिन में मंजूरी का लक्ष्य

निवेशकों को लंबी सरकारी प्रक्रियाओं से राहत देने के लिए नीति में सिंगल रूफ क्लीयरेंस सिस्टम की व्यवस्था की गई है। इसके तहत डाटा सेंटर परियोजनाओं से जुड़ी जरूरी मंजूरियां एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

सरकार का दावा है कि जरूरी क्लीयरेंस 10 से 15 कार्य दिवसों में उपलब्ध कराए जा सकते हैं। इससे निवेशकों को प्रोजेक्ट शुरू करने में तेजी मिलेगी और हरियाणा निवेश के लिए ज्यादा आकर्षक बन सकेगा।

अनंत राज लिमिटेड के साथ बड़ा MoU

हरियाणा सरकार और अनंत राज लिमिटेड के बीच यह MoU राज्य के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है। यह समझौता 1 जून 2026 को “मेक इन हरियाणा पॉलिसी एंड अदर सेक्टोरल पॉलिसीज लॉन्च” कार्यक्रम के दौरान हुआ।

इस समझौते के जरिए हरियाणा में डाटा सेंटर, क्लाउड सेवाओं और AI आधारित डिजिटल समाधान विकसित करने की दिशा में काम आगे बढ़ेगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, अनंत राज हरियाणा में बड़े स्तर पर डाटा सेंटर क्षमता विकसित करने की योजना पर काम कर रही है।

इन सरकारी एजेंसियों की रहेगी भूमिका

इस परियोजना में हरियाणा सरकार की कई अहम एजेंसियां और विभाग भूमिका निभाएंगे। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

हरियाणा एंटरप्राइजेज प्रमोशन सेंटर यानी HEPC, सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार विभाग, हरियाणा राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम यानी HARTRON, नागरिक संसाधन सूचना विभाग और उद्योग एवं वाणिज्य विभाग।

इन विभागों की भूमिका परियोजना को मंजूरी, सुविधा, समन्वय और नीति लाभ उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण रहेगी।

मानेसर, राय और पंचकूला में डाटा सेंटर विकास

अनंत राज हरियाणा के तीन प्रमुख स्थानों—मानेसर, राय और पंचकूला—में डाटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित कर रही है। इन स्थानों को राज्य की लोकेशन, औद्योगिक माहौल, दिल्ली-NCR से नजदीकी और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मानेसर में कंपनी का बड़ा डाटा सेंटर कैंपस विकसित किया जा रहा है। यहां 10 एकड़ क्षेत्र में करीब 18 लाख वर्ग फुट का इंफ्रास्ट्रक्चर प्रस्तावित है। पंचकूला में भी 10 एकड़ क्षेत्र में करीब 6 लाख वर्ग फुट की परियोजना निर्माणाधीन बताई गई है।

Google के साथ AI आधारित समाधान पर सहयोग

अनंत राज क्लाउड ग्राहकों के लिए उद्देश्य-निर्मित AI आधारित समाधान विकसित करने की दिशा में Google के साथ भी सहयोग कर रही है। इससे हरियाणा में बनने वाले डाटा सेंटर सिर्फ डेटा स्टोरेज तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि AI, क्लाउड सेवाओं और डिजिटल समाधान के लिए भी महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म बन सकते हैं।

यह सहयोग राज्य को हाई-टेक डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में नई पहचान दिला सकता है।

युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर

इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा रोजगार के रूप में देखने को मिल सकता है। कंपनी के बयान के अनुसार, इस निवेश से करीब 6,000 प्रत्यक्ष रोजगार और कई अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

आईटी, क्लाउड मैनेजमेंट, नेटवर्किंग, साइबर सिक्योरिटी, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, सिक्योरिटी, मेंटेनेंस और सपोर्ट सर्विसेज जैसे क्षेत्रों में युवाओं को अवसर मिल सकते हैं। इसके अलावा निर्माण, लॉजिस्टिक्स और स्थानीय सेवाओं से जुड़े कारोबारों को भी फायदा हो सकता है।

गुरुग्राम और पंचकूला में AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

हरियाणा के डिजिटल विजन को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने गुरुग्राम और पंचकूला में दो AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने के प्रस्तावों को मंजूरी दी है।

इन सेंटरों पर कुल ₹40 करोड़ की लागत आने का अनुमान है। इसमें केंद्र सरकार और हरियाणा सरकार 40-40 प्रतिशत योगदान देंगी, जबकि उद्योग भागीदारों का योगदान 20 प्रतिशत रहेगा।

ARJUN नाम से बनेगा विशेष प्रयोजन वाहन

AI विकास परियोजना के लिए एक विशेष प्रयोजन वाहन यानी SPV बनाया गया है, जिसका नाम ARJUN रखा गया है। इसका पूरा नाम AI for Resilient Jobs, Urban Air Quality & Next-Gen Skills Council बताया गया है।

गुरुग्राम सेंटर का फोकस स्वास्थ्य सेवा, कृषि, सार्वजनिक सेवा वितरण, शिक्षा, पर्यावरण और स्थिरता जैसे क्षेत्रों पर रहेगा। वहीं पंचकूला सेंटर वित्तीय समावेशन, शासन, नागरिक सेवाओं, बाढ़ और आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य, कृषि और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में काम करेगा।

पंचकूला को ‘सिलिकॉन वैली ऑफ नॉर्थ इंडिया’ बनाने की तैयारी

हरियाणा सरकार पंचकूला को उत्तर भारत की सिलिकॉन वैली के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम कर रही है। इस विजन के तहत पंचकूला में 73 एकड़ का AI हब प्रस्तावित है।

इस हब में ग्रीन एनर्जी, हाई-स्पीड इंटरनेट, रेगुलेटरी सैंडबॉक्स और आधुनिक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं। सरकार का लक्ष्य है कि गुरुग्राम और पंचकूला जैसे शहर भविष्य में AI, क्लाउड, डाटा सेंटर और डिजिटल टेक्नोलॉजी के बड़े केंद्र बनें।

50,000 युवाओं को नई टेक्नोलॉजी की ट्रेनिंग

हरियाणा AI मिशन के तहत राज्य में युवाओं को नई तकनीकों की ट्रेनिंग देने पर भी जोर दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि करीब 50,000 युवाओं को AI, क्लाउड, साइबर सिक्योरिटी और अन्य उभरती तकनीकों से जुड़ा प्रशिक्षण दिया जाए।

इसके अलावा हरियाणा स्टेट रिसर्च फंड के लिए ₹20 करोड़ की शुरुआती राशि का प्रावधान किया गया है। स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए HSIIDC के माध्यम से ₹10 लाख तक की सीधी वित्तीय सहायता देने की योजना भी बताई गई है।

भारत में तेजी से बढ़ रहा डाटा सेंटर बाजार

हरियाणा का यह कदम ऐसे समय आया है जब भारत में डाटा सेंटर बाजार तेजी से बढ़ रहा है। डिजिटल पेमेंट, ई-कॉमर्स, OTT, क्लाउड कंप्यूटिंग, AI, ऑनलाइन शिक्षा और सरकारी डिजिटल सेवाओं के कारण डेटा स्टोरेज और प्रोसेसिंग की मांग लगातार बढ़ रही है।

भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र के बड़े डाटा सेंटर बाजारों में तेजी से अपनी जगह मजबूत कर रहा है। आने वाले वर्षों में डाटा सेंटर सेक्टर में बड़े निवेश की संभावना है। ऐसे में हरियाणा अपनी भौगोलिक स्थिति और औद्योगिक ताकत के दम पर इस क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभा सकता है।

हरियाणा क्यों बन सकता है बड़ा डाटा हब?

हरियाणा के पास दिल्ली-NCR से नजदीकी, गुरुग्राम जैसा कॉर्पोरेट हब, मानेसर जैसे औद्योगिक क्षेत्र, बेहतर सड़क कनेक्टिविटी, एयरपोर्ट की पहुंच और मजबूत निवेश माहौल जैसी कई खूबियां हैं।

डाटा सेंटर कंपनियों के लिए बिजली, जमीन, कनेक्टिविटी, सुरक्षा और नीति समर्थन बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। हरियाणा सरकार की नई नीति इन जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।

फैक्ट शीट

फैक्ट शीट

विवरणआंकड़ा / स्थिति
नीति का नामहरियाणा डाटा सेंटर पॉलिसी 2026
नीति का लक्ष्य5 वर्षों में ₹10,000 करोड़ निवेश
प्रमुख MoUअनंत राज लिमिटेड के साथ डाटा सेंटर विकास समझौता
MoU की तारीख1 जून 2026
संभावित रोजगारकरीब 6,000 प्रत्यक्ष रोजगार और कई अप्रत्यक्ष अवसर
प्रमुख स्थानमानेसर, राय और पंचकूला
AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंसगुरुग्राम और पंचकूला
AI सेंटर की अनुमानित लागत₹40 करोड़
युवा प्रशिक्षण लक्ष्य50,000 युवा
हरियाणा स्टेट रिसर्च फंड₹20 करोड़
हाइपर डाटा सेंटर सहायता20% CAPEX प्रतिपूर्ति, ₹25 करोड़ तक
कोर डाटा सेंटर सहायता10% CAPEX प्रतिपूर्ति, ₹1 करोड़ तक
डाटा सेंटर पार्क5% ब्याज सब्सिडी
मंजूरी प्रणालीसिंगल रूफ क्लीयरेंस सिस्टम

हरियाणा डाटा सेंटर पॉलिसी 2026 राज्य के डिजिटल भविष्य के लिए बड़ा कदम साबित हो सकती है। ₹10,000 करोड़ के निवेश लक्ष्य और अनंत राज जैसे बड़े निवेश समझौते से राज्य में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को नई मजबूती मिलेगी।

अगर सरकार नीति में दिए गए प्रोत्साहनों और मंजूरी प्रक्रिया को समय पर लागू करती है, तो हरियाणा आने वाले वर्षों में उत्तर भारत का बड़ा डाटा सेंटर और AI हब बन सकता है। इससे न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार और नई तकनीक से जुड़े अवसर भी तेजी से बढ़ेंगे।

लेखक

Mukesh Gusaiana

ब्रेकिंग न्यूज और जनहित से जुड़ी खबरों पर लगातार नजर रखने वाली हमारी एडिटोरियल टीम।

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