Kot village Faridabad : हरियाणा के इस गांव में शाम को 7 बजते ही लोग अपने घरों में हो जाते है कैद, जानें क्या है इसके पीछे की वजह
Kot village Faridabad : हाल ही में हरियाणा से एक खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि हरियाणा के इस गांव में शाम को 7 बजते ही लोग अपने घरों में दुबक जाते है। शाम को 7 बजे के बाद कोई भी व्यक्ति अपने घर से नहीं निकलता।…

Nf Agro, Delhi, Kot village Faridabad: हरियाणा के फरीदाबाद जिले के कोट गांव में लोग शाम के 7 बजते ही अपने घरों में कैद हो जाते है। गांव के लोग दिनभर खेतों में काम करने के बाद शाम होते ही अपने घरों के दरवाजें बंद कर लेते है। साथ ही शाम के समय कोई बच्चा बाहर नहीं खेलता।
पिछले कई दिनों से कोट गांव की दिनचर्या पूरी तरह से बदल गई है। अब इस गांव में खेतों में जाना, पशु चराना और यहां तक कि सिंचाई करना भी खतरे से खाली नहीं है। इस गांव में लोग तेंदुआ के आंतक से परेशान हो रहे है।
तेंदुआ किस समय उनपर हमला कर दें, इसलिए गांव के लोग दहशत में रहते है। कई बार दिन के समय काम करते हुए तेंदुए की मौजूदगी महसूस होती है। जिसके कारण खेतों में काम कर रहे लोग अपना सारा काम छोड़कर घर भाग आते है। दिन और रात के समय लोग अकेले खेतों में नहीं जा सकते। पता नहीं, किस समय तेंदुआ इंसानों पर हमला कर दें। इसलिए लोग खेत में अकेले जाते हुए डरते है।
तेंदुआ से लोग होते हैं परेशान –
कोट गांव के लोग खेती और पशुपालन के अलावा कोई ओर काम नहीं करते। तेंदुआ गांव के पशुओं को मार देता है। तेंदुआ गाय, भैंस और बकरी सभी को नुकसान पहुंचाता है। इसलिए शाम को 7 बजते ही गांव में सन्नाटा छा जाता है।
गांव में हर कदम फूंक-फूंक कर रखना पड़ता है। गांव में कई परिवार ऐसे हैं जो बकरी पालन से अपनी आजीविका चलाते हैं। उन्हें भी तेंदुए के डर से समस्या होती है। तेंदुआ बकरियों के बच्चे खा जाता है।
गांव में जानवरों की कमी के कारण लोगों को आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है। खेतों की रखवाली करना, पशुओं को चराना और पानी देना, हर काम अब जोखिम बन चुका है। हाल ही में कोट गांव के लोग प्रशासन और वन विभाग से लगातार सुरक्षा और मुआवजे की मांग कर रही है।








