New Testing Laboratories : हरियाणा सरकार का खाद्य सुरक्षा ऐलान, सिरसा समेत 5 जिलों में बनने जा रही है नई परीक्षण प्रयोगशालाएं
New Testing Laboratories : हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश में बड़े पैमाने पर खाद्य परीक्षण अवसंरचना का विस्तार किया जा रहा है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के सहयोग से हिसार, जींद, नारनौल, सिरसा और यम…

NF Agro, New Delhi New Testing Laboratories : इसके अलावा, मौजूदा प्रयोगशाला ढांचे को भी मजबूत किया जा रहा है। इसी क्रम में करनाल स्थित जिला खाद्य प्रयोगशाला में अतिरिक्त सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव है।
इसके अलावा, शत-प्रतिशत फंडिंग मॉडल के तहत गुरुग्राम, फरीदाबाद और रोहतक में प्रयोगशालाएं स्थापित करने का प्रस्ताव राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड को भेजा गया है।
स्वस्थ भविष्य के लिए स्थापित की जा रही ये आधुनिक प्रयोगशालाएं मिलावट की पहचान करने, गुणवत्ता मानकों को सुनिश्चित करने तथा लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने आज यहां खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की राज्य स्तरीय सलाहकार समिति (एसएलएसी) की पहली बैठक की अध्यक्षता करते हुए वैज्ञानिक आधारभूत ढांचे, आधुनिक प्रवर्तन तंत्र और नागरिक-प्रथम शासन व्यवस्था के माध्यम से खाद्य सुरक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने संबंधी विस्तृत रोडमैप की समीक्षा की।
इन पहलों से राज्य में खाद्य गुणवत्ता निगरानी, नियामकीय अनुपालन और उपभोक्ता संरक्षण को मजबूती मिलेगी।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा हरियाणा को खाद्य सुरक्षा व्यवस्था के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर आदर्श राज्य के रूप में स्थापित करने तथा हर नागरिक को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ मुहैया कराने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण पहल की जा रही हैं।
इन पहलों में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए आधुनिक खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाओं के नेटवर्क का विस्तार करना, अतिरिक्त खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की भर्ती के माध्यम से प्रवर्तन व्यवस्था को मजबूत बनाना और जिला स्तर पर समर्पित आधारभूत ढांचा विकसित करना शामिल है।
साथ ही, विभागों के बीच समन्वय बढ़ाया जा रहा है तथा नई परीक्षण सुविधाओं में निवेश किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि जमीनी स्तर पर प्रभावी प्रवर्तन की आवश्यकता को देखते हुए सरकार ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के सेवा नियम अधिसूचित कर दिए हैं तथा रिक्त पदों को भरने की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इसके अलावा, खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के 12 अतिरिक्त पद सृजित करने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है। वहीं प्रतिनियुक्ति पर चयनित 8 अधिकारियों के विभाग में शामिल होने से निगरानी एवं प्रवर्तन गतिविधियों को और मजबूती मिलेगी।
विभाग द्वारा बढ़ते कार्यक्षेत्र को देखते हुए जिला इकाइयों के लिए समर्पित कार्यालय भवन उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है, क्योंकि वर्तमान में अनेक इकाइयां सिविल अस्पतालों में सीमित स्थान से संचालित हो रही हैं।
निरीक्षण, छापेमारी और खाद्य नमूनों के परिवहन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए अतिरिक्त वाहनों और अन्य लॉजिस्टिक सहायता का भी प्रस्ताव है।
राज्य की प्रवर्तन कार्रवाई के भी सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। वर्ष 2025-26 के दौरान विभाग ने 2,211 खाद्य नमूने एकत्रित किए, जिनमें से 805 मामलों में मानकों का उल्लंघन पाया गया।
इन मामलों में 111 दोषसिद्धियां हुईं और कुल 2.35 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया। दोषसिद्धियों और जुर्मानों में हुई वृद्धि खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुपालन, जवाबदेही और उपभोक्ता संरक्षण के प्रति हरियाणा सरकार की बढ़ती प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
बैठक में स्वास्थ्य, कृषि, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, स्कूल शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, पुलिस तथा आबकारी एवं कराधान विभागों के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता पर भी खास जोर दिया गया।
बैठक मे बताया गया कि राज्य के सभी जिलों में जिला स्तरीय सलाहकार समितियां कार्यरत हैं, जिससे जमीनी स्तर पर निगरानी, हितधारकों की भागीदारी और खाद्य सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर स्थानीय स्तर पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो रही है।
बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री शेखर विद्यार्थी, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त डॉ. मनोज कुमार तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।








